बिहार में आधार नंबर रद्द होने के मामलों को लेकर इन दिनों चर्चा है। 5 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हिन्दुस्तान News Paper की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 1.66 लाख आधार नंबर रद्द किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जिनमें आधार में जन्मतिथि सुधार के लिए जमा किए गए दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए।
यहां एक बात साफ समझना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर आधार कार्ड रद्द किया जा रहा है या हर आधार धारक को तुरंत अपना आधार चेक करना जरूरी है। आधार नंबर को रद्द करने की कार्रवाई खास मामलों में होती है। UIDAI के रिकॉर्ड में cancelled और suspended या not active जैसी अलग-अलग स्थिति भी मौजूद हैं।
अगर आपने हाल में आधार में Date of Birth या किसी दूसरी जानकारी में बदलाव कराया है, तो अपने आधार की स्थिति और update request को जरूर देख सकते हैं। नीचे पूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
बिहार में कितने आधार नंबर रद्द होने की बात सामने आई?

हिन्दुस्तान News Paper की 5 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में पिछले तीन महीनों में 1.66 लाख आधार नंबर रद्द किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि बड़ी संख्या में मामले जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए दस्तावेजों की जांच से जुड़े हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों ने आधार में जन्मतिथि बदलने के लिए ऐसे जन्म प्रमाण पत्र या दूसरे दस्तावेज जमा किए, जिनकी बाद में जांच की गई। दस्तावेज सही नहीं पाए जाने पर सिर्फ update request को रोकने या खारिज करने के बजाय संबंधित आधार नंबर पर भी कार्रवाई की गई।
UIDAI की अपनी जानकारी भी बताती है कि फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर हासिल किया गया आधार नंबर गंभीर कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। UIDAI ने पहले भी बताया है कि forged documents जैसी गंभीर स्थिति में Aadhaar suspend या cancel किया जा सकता है।
आधार कार्ड कैंसिल होने का सबसे बड़ा कारण क्या बताया गया?
बिहार की हालिया रिपोर्ट में मुख्य रूप से जन्मतिथि में सुधार के लिए गलत या फर्जी दस्तावेज जमा करने की बात सामने आई है। खासकर ऐसे जन्म प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है, जिनकी जानकारी संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से verify की जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में जन्मतिथि बदलने के लिए नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर Aadhaar update के लिए लगाया गया। जमा किए गए दस्तावेज का सत्यापन संबंधित रिकॉर्ड से किया गया और दस्तावेज गलत पाए जाने पर आधार नंबर रद्द कर दिया गया।
UIDAI के मौजूदा नियमों में भी यह साफ है कि update के लिए दिया गया document valid होना चाहिए, वह उसी व्यक्ति के नाम पर होना चाहिए और उसमें दी गई जानकारी संबंधित स्रोत से verify की जा सके।
क्या सिर्फ Date of Birth बदलने से आधार कैंसिल हो जाता है?
नहीं। केवल Date of Birth update कराने से आधार नंबर अपने आप cancel नहीं होता। समस्या तब हो सकती है जब update के लिए गलत, फर्जी या सत्यापित न हो सकने वाला document दिया गया हो। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि जन्मतिथि में बदलाव कराने वाले सभी लोगों का आधार रद्द किया जा रहा है।
UIDAI के अनुसार Aadhaar में Date of Birth को सामान्य प्रक्रिया के तहत जीवन में एक बार update किया जा सकता है। दूसरी बार बदलाव की जरूरत होने पर exceptional circumstances में UIDAI से संपर्क करना पड़ता है।
2026 में UIDAI ने Date of Birth update के लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। सितंबर 2026 में इस SOP से जुड़े corrigendum को भी UIDAI ने प्रकाशित किया था।
अपना Aadhaar Status कैसे चेक करें?
UIDAI की official website पर Aadhaar से जुड़ी कई online services उपलब्ध हैं। इनमें Aadhaar Status और Verify Aadhaar Number जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
अगर आप यह देखना चाहते हैं कि दिया गया Aadhaar number मौजूद है या valid है, तो UIDAI की Verify Aadhaar service का इस्तेमाल किया जा सकता है। UIDAI के 2026 Aadhaar Handbook के अनुसार verification में Aadhaar number के मौजूद होने के साथ age band, gender, state और masked mobile number जैसी जानकारी दिखाई जा सकती है।
Aadhaar Verify करने का तरीका
- सबसे पहले UIDAI की official website खोलें।

- Online Services में जाकर Verify Aadhaar Number वाली service चुनें।
- अपना 12 अंकों का Aadhaar number दर्ज करें।
- स्क्रीन पर मांगी गई verification details पूरी करें।
- इसके बाद system आपके Aadhaar number की स्थिति से जुड़ी जानकारी दिखाएगा।
ध्यान रखें कि Aadhaar verification और किसी update request का status एक ही चीज नहीं है। अगर आपने हाल में कोई update कराया है, तो update request को अलग से Track My Aadhaar Update या संबंधित request status service से देखना चाहिए।
अगर Aadhaar Cancelled दिखे तो क्या करें?

अगर verification या किसी official service में आपका Aadhaar cancelled या not active दिखाई देता है, तो घबराकर किसी cyber cafe या अनजान व्यक्ति के पास जाने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले UIDAI से कारण की पुष्टि करें। UIDAI के official records में cancelled Aadhaar के लिए अलग status code है और suspended या not active स्थिति भी अलग दर्ज होती है।
UIDAI की FAQ जानकारी के मुताबिक, अगर Aadhaar deactivated है तो Aadhaar holder 1947 पर संपर्क कर सकता है या UIDAI को grievance भेज सकता है। इसके लिए myAadhaar portal पर complaint दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
बिहार की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों के आधार नंबर रद्द हुए हैं, वे पटना के शक्ति टावर और GPO स्थित Aadhaar Seva Centre में कारण जानने के लिए पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सही दस्तावेज जमा करने और verification के बाद दोबारा सक्रिय कराने का विकल्प दिया जा रहा है।
आधार में Date of Birth सुधारने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
जन्मतिथि में बदलाव के लिए वही document देना चाहिए जो UIDAI की मौजूदा acceptable documents list में मान्य हो और जिसकी जानकारी verify की जा सके। 2026 के UIDAI documents में Date of Birth के लिए अलग-अलग स्वीकार्य दस्तावेज दिए गए हैं।
बिहार में सामने आए मामलों के संदर्भ में हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में नगर निगम का जन्म प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड का मैट्रिक प्रमाण पत्र या विश्वविद्यालय का प्रमाण पत्र, जिसमें जन्मतिथि दर्ज हो, और कुछ सरकारी सेवा या पेंशन से जुड़े पहचान दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है।
| दस्तावेज | किस काम आ सकता है |
|---|---|
| जन्म प्रमाण पत्र | Date of Birth के प्रमाण के रूप में, यदि वह UIDAI की मौजूदा सूची और नियमों के अनुसार मान्य है |
| मान्यता प्राप्त बोर्ड का प्रमाण पत्र | जहां जन्मतिथि दर्ज हो और document UIDAI की शर्तों के अनुसार स्वीकार्य हो |
| सरकारी Service Photo ID | कुछ मामलों में पहचान और Date of Birth के प्रमाण के रूप में |
| Pensioner Photo ID / संबंधित सरकारी दस्तावेज | लागू होने पर Date of Birth के प्रमाण के रूप में |
सिर्फ इसलिए कि किसी document पर जन्मतिथि लिखी है, उसे Aadhaar update के लिए अपने आप valid नहीं मान लेना चाहिए। UIDAI की official acceptable documents list को देखकर ही document चुनें।
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से क्यों बचना चाहिए?
ऑनलाइन कई जगह सस्ते में जन्म प्रमाण पत्र या दूसरे सरकारी दस्तावेज बनवाने का दावा किया जाता है। ऐसे document का इस्तेमाल Aadhaar update में करना भारी पड़ सकता है। UIDAI के नियमों के अनुसार submitted document की validity और उसकी जानकारी की verification की जाती है।
बिहार की रिपोर्ट में भी ऐसे मामलों का जिक्र है जहां जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी सरकारी birth and death records से मिलान के दौरान गलत पाई गई। इसके बाद Aadhaar पर कार्रवाई की गई।
इसलिए किसी एजेंट या दुकान पर सिर्फ इस भरोसे से document न बनवाएं कि वह देखने में असली जैसा लग रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में उसकी पुष्टि न होने पर update request के साथ Aadhaar पर भी कार्रवाई हो सकती है।
Aadhaar Update कराने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- सिर्फ UIDAI की acceptable documents list में मौजूद सही document का इस्तेमाल करें।
- Document में नाम और Date of Birth जैसी जानकारी सही होनी चाहिए।
- किसी दूसरे व्यक्ति के document को अपने Aadhaar update के लिए इस्तेमाल न करें।
- किसी एजेंट के कहने पर गलत Date of Birth डालकर update request न करें।
- फर्जी या बदला हुआ जन्म प्रमाण पत्र इस्तेमाल करने से बचें।
- Update कराने के बाद acknowledgement या request number संभालकर रखें।
- जरूरत पड़ने पर UIDAI की official website या 1947 helpline से जानकारी लें।
क्या Aadhaar में Date of Birth दोबारा बदली जा सकती है?
UIDAI की FAQ के अनुसार Date of Birth को सामान्य तौर पर एक बार update किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को इसके बाद फिर बदलाव की जरूरत पड़ती है, तो exceptional circumstances में UIDAI से संपर्क करना होता है।
इसलिए जन्मतिथि में बदलाव करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सही document देखकर ही request डालना बेहतर है। एक बार गलत जानकारी update हो जाने के बाद उसे फिर से बदलवाने की प्रक्रिया सामान्य update से अलग हो सकती है।
अगर आधार Deactivated या Suspended दिखे तो क्या करें?
Cancelled, suspended और deactivated को एक ही स्थिति समझना सही नहीं है। UIDAI के records में Aadhaar number cancelled और Aadhaar suspended या not active के लिए अलग-अलग status मौजूद हैं।
अगर आपका Aadhaar active नहीं दिख रहा है, तो सबसे पहले official reason जानने की कोशिश करें। UIDAI की FAQ के अनुसार deactivated Aadhaar के मामले में 1947 helpline और grievance mechanism का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Important Link
| काम | Official Link |
|---|---|
| Aadhaar Official Website | UIDAI Official Website |
| MyAadhaar Portal | MyAadhaar Portal |
| Aadhaar Status Check | Aadhaar Status / Services |
| Aadhaar Update Status | Check Aadhaar Update Status |
| Aadhaar Seva Kendra खोजें | Find Aadhaar Seva Kendra |
| Aadhaar Grievance / शिकायत | File Aadhaar Grievance |
| UIDAI Helpline | 1947 |
पटना में आधार से जुड़ी परेशानी होने पर कहां जाएं?
बिहार की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, रद्द हुए Aadhaar नंबर से जुड़े लोग पटना के शक्ति टावर और GPO स्थित Aadhaar Seva Centre में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
हालांकि, किसी केंद्र पर जाने से पहले UIDAI की official website पर उपलब्ध centre locator से अपने नजदीकी Aadhaar Seva Kendra की जानकारी देखना बेहतर है। UIDAI अपनी website पर Aadhaar Seva Kendra locate करने की सुविधा देता है।
Latest Update
अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार में पिछले तीन महीनों में 1.66 लाख Aadhaar numbers के रद्द होने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें खास तौर पर Date of Birth update के दौरान जमा किए गए फर्जी या गलत दस्तावेजों से जुड़े मामले बताए गए हैं। यह आंकड़ा सभी Aadhaar holders के लिए लागू नहीं है। Live Hindustan
UIDAI की मौजूदा व्यवस्था में Aadhaar number verify करने, update status देखने और शिकायत दर्ज करने की online सुविधाएं उपलब्ध हैं। अगर आपका Aadhaar cancelled या not active दिखता है, तो किसी अनधिकृत व्यक्ति से संपर्क करने के बजाय UIDAI की official service, Aadhaar Seva Kendra या 1947 helpline के जरिए कारण और आगे की प्रक्रिया की पुष्टि करें।
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