केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है। यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आता है। योजना का मकसद है कि लोग अपनी बिजली खुद बनाएं और हर महीने 300 यूनिट तक बिजली का बिल बचाएं।
योजना फरवरी 2024 में 75,021 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुई थी। सरकार ने मार्च 2027 तक देश के 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा है। अगस्त 2026 तक 50 लाख से ज्यादा घर इससे जुड़ चुके हैं और करीब 77 लाख लोगों ने आवेदन किया है।
ABC ID Kaise Banaye: DigiLocker से मोबाइल पर बनाएं, जरूरी Documents जानें
PM Surya Ghar Subsidy: कितने किलोवाट पर कितना पैसा
सब्सिडी सोलर सिस्टम की क्षमता के हिसाब से तय है। पहले 2 किलोवाट तक हर किलोवाट पर 30,000 रुपये और तीसरे किलोवाट पर 18,000 रुपये मिलते हैं।
| सोलर सिस्टम की क्षमता | केंद्र सरकार की सब्सिडी |
|---|---|
| 1 किलोवाट | 30,000 रुपये |
| 2 किलोवाट | 60,000 रुपये |
| 3 किलोवाट या उससे ज्यादा | 78,000 रुपये (अधिकतम) |
3 किलोवाट से बड़ा सिस्टम लगवाने पर भी सब्सिडी 78,000 रुपये से ज्यादा नहीं मिलेगी। 4 या 5 किलोवाट का सिस्टम लगाएंगे तो ऊपर का पूरा खर्च आपको खुद उठाना होगा।
कितनी बिजली खपत पर कितना बड़ा सिस्टम लगवाएं

सिस्टम का साइज आपकी महीने की बिजली खपत देखकर चुनना चाहिए। ज्यादा बड़ा पैनल लगवाने से सब्सिडी नहीं बढ़ती।
| हर महीने बिजली खपत | सही सोलर सिस्टम | सब्सिडी |
|---|---|---|
| 0 से 150 यूनिट | 1 से 2 किलोवाट | 30,000 से 60,000 रुपये |
| 150 से 300 यूनिट | 2 से 3 किलोवाट | 60,000 से 78,000 रुपये |
| 300 यूनिट से ज्यादा | 3 किलोवाट से ऊपर | 78,000 रुपये |
कुछ राज्यों में अलग से भी मिलता है पैसा
केंद्र की सब्सिडी के ऊपर कई राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी पैसा देती हैं। जैसे उत्तर प्रदेश में 1 किलोवाट पर 15,000 रुपये और 2 किलोवाट या उससे ज्यादा पर 30,000 रुपये तक की अतिरिक्त मदद मिलती है। यानी यूपी में 3 किलोवाट के सिस्टम पर कुल सब्सिडी 1,08,000 रुपये तक पहुंच जाती है। राजस्थान और हरियाणा में भी राज्य की ओर से अलग राशि तय है। अपने राज्य का नियम बिजली विभाग या राज्य की नोडल एजेंसी से पता कर लें।
सोसाइटी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) भी कॉमन जगहों जैसे लिफ्ट, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट के लिए सोलर लगवा सकते हैं। इन्हें 18,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से 500 किलोवाट तक सब्सिडी मिलती है।
ABC ID Kaise Banaye: DigiLocker से मोबाइल पर बनाएं, जरूरी Documents जानें
PM Surya Ghar Yojana Eligibility: कौन ले सकता है फायदा
- आवेदक भारत का नागरिक हो।
- अपना घर हो और उसकी छत पर सोलर पैनल लगाने की जगह हो।
- घर में बिजली कंपनी (DISCOM) का चालू कनेक्शन हो और कनेक्शन आवेदक के नाम पर हो।
- पहले किसी दूसरी सरकारी योजना में सोलर पैनल पर सब्सिडी न ली हो।
यह योजना सिर्फ घरेलू बिजली कनेक्शन वालों के लिए है। दुकान, फैक्ट्री या दूसरे कमर्शियल कनेक्शन पर यह सब्सिडी नहीं मिलती।
सब्सिडी लेनी है तो ये नियम जरूर जान लें
सब्सिडी तभी मिलेगी जब पैनल देश में बने हों और सरकार की मंजूर लिस्ट (ALMM) में शामिल हों। अगर कोई विदेशी या बिना मंजूरी वाले पैनल लगवाता है तो उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी। इन्वर्टर भी मंजूर लिस्ट वाला होना चाहिए, क्योंकि गलत इन्वर्टर की वजह से कई लोगों के क्लेम अटके हैं।
सोलर पैनल पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर से ही लगवाएं। अपने मन से किसी भी दुकानदार से लगवाने पर सब्सिडी का क्लेम नहीं हो पाएगा।
पैसे नहीं हैं तो बैंक से मिलेगा लोन
पूरा खर्च एक साथ नहीं दे सकते तो सरकारी बैंकों से लोन ले सकते हैं। 3 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए करीब 2 लाख रुपये तक का लोन बिना कुछ गिरवी रखे मिल जाता है। बड़े सरकारी बैंक इस पर करीब 5.75 प्रतिशत ब्याज ले रहे हैं। अब तक 17 लाख से ज्यादा घरों में सोलर लोन लेकर ही लगाया गया है।
लोन का आवेदन भी उसी पोर्टल से हो जाता है। सब्सिडी का पैसा खाते में आने के बाद उससे लोन का कुछ हिस्सा चुका सकते हैं।
आवेदन के लिए ये डॉक्यूमेंट रखें तैयार
- हाल का बिजली बिल (कंज्यूमर नंबर के लिए)
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
- बैंक पासबुक या कैंसिल चेक
- घर की छत की फोटो
- घर के मालिकाना हक का कोई कागज
PM Surya Ghar Yojana Apply Online: आवेदन का पूरा तरीका
- योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और Apply for Rooftop Solar पर क्लिक करें।

- अपना राज्य, बिजली कंपनी का नाम और बिजली बिल वाला कंज्यूमर नंबर भरें। मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर रजिस्ट्रेशन करें।
- कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और रूफटॉप सोलर का फॉर्म भरें।
- बिजली कंपनी आपके आवेदन की जांच करेगी। मंजूरी (Feasibility Approval) मिलने के बाद ही आगे बढ़ें।
- पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर चुनें और उससे सोलर पैनल लगवाएं।
- पैनल लगने के बाद पोर्टल पर सिस्टम की डिटेल डालें और नेट मीटर के लिए आवेदन करें।
- नेट मीटर लगने और बिजली कंपनी की जांच के बाद पोर्टल पर कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा।
- अब पोर्टल पर बैंक खाते की डिटेल और कैंसिल चेक अपलोड करें। सब्सिडी आमतौर पर 30 दिन के अंदर खाते में आ जाती है।
देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने आवेदन और नेट मीटरिंग का चार्ज हटा दिया है। फिर भी अपने बिजली दफ्तर से एक बार पूछ लें कि आपके यहां कोई फीस तो नहीं लगती।
Important Link
| सेवा / जानकारी | आधिकारिक लिंक / विवरण |
|---|---|
| Rooftop Solar आवेदन पोर्टल | Click Here |
| Consumer Login | Click Here |
| Registered Vendor List | पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद उपलब्ध |
| मंजूर सोलर पैनल की सूची (ALMM) | mnre.gov.in के ALMM सेक्शन में देखें |
| MNRE आधिकारिक वेबसाइट | mnre.gov.in |
| हेल्पलाइन नंबर | 15555 — दिए गए विवरण के अनुसार |
कितनी बचत होगी
1 किलोवाट का सिस्टम महीने में करीब 120 यूनिट और 3 किलोवाट का सिस्टम करीब 360 यूनिट बिजली बना सकता है। यह धूप और जगह पर भी निर्भर करता है। नेट मीटर लगने से जो बिजली आप इस्तेमाल नहीं करेंगे, वह बिजली कंपनी को चली जाएगी और उसका पैसा आपके बिल में एडजस्ट होगा। सरकार के मुताबिक करीब 19 लाख घरों का बिजली बिल अब शून्य आ रहा है।
एक बात साफ समझ लें कि सोलर पैनल मुफ्त नहीं है। पहले वेंडर को पूरा पैसा देना होता है, उसके बाद सरकार सब्सिडी आपके खाते में भेजती है। मौजूदा सब्सिडी दरें 31 मार्च 2027 तक के लिए तय हैं। उसके बाद योजना आगे बढ़ेगी या नहीं, इस पर सरकार ने अभी कुछ नहीं कहा है। इसलिए जो लोग सोलर लगवाने की सोच रहे हैं, उन्हें मार्च 2027 से पहले पूरा काम करवा लेना चाहिए।